Jul 10, 11:01 pm
चित्रकूट। कुछ ऐसा है यहां कि हर चीज अपनी विशिष्टता का अहसास कराती है। श्री राम रक्षा स्त्रोत मंत्रों की आहुतियों के दृश्य देखते ही बनते हैं। नौ गृहों के लिए बनायी गयी अलग-अलग वेदिकाओं पर श्रद्धालु बैठकर श्री राम महामंत्र पर आहुतियां देते हैं तो ऐसा लगता है कि जैसे उन आहुतियों को स्वयं श्री राम जी ही गृहण कर रहे हैं। इसके साथ ही पूजन वेदिकाओं की विशिष्टता भी देखते ही बनती है।
वेदिकाओं की विशिष्ठता का बोध नौ गृह, क्षेत्र पाल, लिड्तोभद्र मंडल, श्री गणेश पीठ, गौरी गणेश मंडल , सर्वतो भ्रद मंडल, षोडस भद्र, वास्तु मंडल, चतुष्पदिष्ट योगिनी आदि के चक्र मुख्य मंच के नीचे की ओर बनाये गये हैं। मुख्य कथा आचार्य पूरन महाराज बताते हैं कि इस पूजन में हर एक काम में पूरी तरह से वैदिक रीतियों का ध्यान रखा जा रहा है। यहां पर लगभग ढाई सौ की संख्या में आचार्य लगे हुए हैं। उनकी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय हैं। मिट्टी में पानी डालते समय, उन्हें लोंदे की शक्ल देते समय के साथ ही मुख्य मूर्तियों को बनाते समय हर एक काम मंत्रों से ही हो रहा है। समय समय पर दद्दा जी खुद ही सभी को लगातार जांचते रहते हैं।
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