गुरुवार, 9 जुलाई 2009

तो पहले ही दिन बन गये एक करोड़ रुद्र

Jul 08, 11:01 pm
चित्रकूट। सावन के पहले ही दिन महाराजाधिराज स्वामी मत्स्यगयेन्द्र नाथ के आर्शीवाद से अभिसिंचित इस तीर्थ स्थली पर स्वामी करिपात्री जी महाराज के आदेश से गृहस्थ संत आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' के शिष्यों ने उनके सवा पांच करोड़ पार्थिव शिव लिंग निर्माण पूजन के पहले ही दिन लगभग एक करोड़ शिव लिंगों का निर्माण कर उनका विधिवत रुद्राभिषेक किया और देर शाम उन्हें वाल्मीकि नदी में विसर्जित कर दिया गया।
पार्थिव पूजन के लिये तैयारियां तो मंगलवार की देर शाम से ही शुरु हो गयी। रैपुरा के पास से लाई गई काली मिट्टी को गीला कर उसके लोदे बनाने के बाद से दद्दा शिष्य मंडल के लोग उन्हें एक पार्थिव लिंग के एवज में एक लोई में परिवर्तित कर चुके थे।
बुधवार को पौ फटते ही देश भर आये दद्दा जी के शिष्यों ने लिंगों के निर्माण के लिये कमर कस ली थी। रैन बसेरा परिसर के विशाल पंडाल में जगह-जगह पर रखी परातें और उनमें बने शिव लिंग भक्तों को उनके निर्माण का आमंत्रण था। पास में ही दद्दा के शिष्य मिट्टी की कटी हुई लोई, चावल, पुष्प, बेलपत्र भी वितरित करते जा रहे थे। देखते ही देखते भक्तों के उमड़े सैलाब ने दोपहर दो बजे के बाद तक महारुद्रों का निर्माण कर कोपरों पर
शिव धाम में पहुंचा दिये। दोपहर दो बजे के बाद सभी पार्थिव शिव लिंगों का पूजन पूरे विधि विधान के साथ वेद पाठी ब्राह्मणों ने सम्पन्न कराया। आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी ' ने दोपहर के समय खुद ही विशाल पंडाल पर पहुंच कर न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया बल्कि रुद्रों का निर्माण कर रहे हर भक्त के पास पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने भक्तों को रुद्र बनाते समय भगवत स्मरण करने का निर्देश देने के साथ ही उनकी कुशल क्षेम भी पूंछी। इस दौरान स्टेज से मुम्बई से आये फिल्म संगीतकार सुजीत चौबे के दल ने भक्ति रस की गंगा उडे़लनी जारी की हुई थी। भक्तों के मुख से ऊं नम: शिवाय का जाप भी निरंतर चल रहा था। दोपहर के बाद सभी रुद्रों को लादकर लालापुर की वाल्मीकि नदी ले जाया गया जहां पर फिल्म स्टार आशुतोष राणा, राज पाल यादव, ठाकुर पद्म सिंह, दीप राज राणा, फिल्म निर्माता केवल कृष्ण, संतोष उपाध्याय, पीएन सिंह, संजय अग्रवाल व देश भर के आये दद्दा शिष्य मंडल के प्रमुखों ने उनका विसर्जन किया। उधर मंदाकिनी के राम घाट पर मंदाकिनी बचाओ संघर्ष समिति के कमलेश दीक्षित के नेतृत्व में भी प्रतीकात्मक विसर्जन किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें