गुरुवार, 9 जुलाई 2009

पूरी तरह भक्ति में डूबे रहे फिल्म स्टार

Jul 08, 11:01 pm
चित्रकूट। फिल्मों में शानदार अभिनय कर लोगों से प्यार और दुलार पाने वाले फिल्मी सितारे चित्रकूट की पावन धरती पर पूरी तरह जमीं पर थे। उन्हें न तो यहां स्टोरी की चिंता और फिल्म के रिलीज होने पर हिट और फ्लाप होने का डर। यहां तक कि लाइट, कैमरा, डायलाग और रिहर्सल की जगह उनके मुंह पर अगर कुछ था तो वह थी आध्यात्मिक चर्चा।
फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, राज पाल यादव, पदम सिंह, दीपराज राणा, अनुपम कौशिक, संजीव वत्स, अरुंधती, मनीषा ओझा, पूर्वी भट्टं, फिल्म निर्माता केवल कृष्ण, चंद्र पाल यादव आदि ऐसे नाम हैं जिन्हें फिल्मी दुनिया में पहचान प्राप्त हो चुकी है। कैमरा और गासिप्स के साथ अंतरंग संबंध रखने वाले अधिकतर कलाकारों का हाल यह है कि उनमें इस कदर भक्ति की भावना समाहित है कि वे सिर्फ बाबा भोले की भक्ति व भगवान राम की कर्मस्थली व उनके गुरु 'दद्दा जी' के अलावा दूसरी बात करने पर वे बात का रुख इन्हीं बिंदुओं पर ले आते हैं। राजपाल यादव व पदम सिंह तो साफ तौर पर कहते हैं कि भइया भले ही हम स्टार बन गये हों पर हैं तो आपके ही बीच के। जो भावना आपके अंदर अपने धर्म के प्रति है वही हमारे भीतर भी है। दद्दा जी का आदेश हमारे लिए परम पिता का आदेश है और अब आप खुद ही बतायें कि क्या परम पिता के आदेश का पालन न करना किसी की भी हिम्मत है। आशुतोष राणा ने कहा कि हमने भगवान को तो नही देखा पर दद्दा से गुरु रूप में दीक्षा लेकर उन्हें भगवान ही मानते हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि अभी तक के हुये 44 पार्थिव शिव लिंग निर्माणों में मेरी सहभागिता रही है। इसलिये मैं अपने आपको काफी सौभाग्यशाली मानता हूं। उधर, बुधवार को सुबह से ही ये सभी फिल्मी सितारे पार्थिव शिव लिंग निर्माण में जुटे रहे। उस समय उनके मुंह से सिर्फ ओम नम: शिवाय का जाप ही निकल रहा था। यहां तक की आशुतोष राणा समेत लगभग सभी फिल्मी सितारों ने चित्रकूट की उमस भरी गर्मी में लगभग तीस से पैंतीस किलो की परात में बनाये गये शिवलिंगों को शिव धाम में भी रखा।

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