Jul 07, 11:24 pm
चित्रकूट। लगभग दस ट्रक शुद्ध काली मिट्टी और उस पर पानी डालकर गूंधते हुये सैकड़ों हाथ। यह एक ऐसा दृश्य जिसे देखने के लिए पूरे देश से आये आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' के हजारों भक्त काफी देर तक डटे रहे। हर एक की विचार धारा इस मामले पर लगभग एक ही थी। सभी के मुंह से चित्रकूट की पावन धरती पर सावन के महीने में पावन रुद्रों का निर्माण उनके हाथों से करवाने के पीछे धन्यवाद के स्वर निकल रहे थे।
सागर के रहने वाले उत्तम सिंह हों या फिर दमोह के राजेश अथवा सतना के संजय अग्रवाल हर एक के मुंह से धन्यवाद के स्वर ही फूटते दिखाई दे रहे थे। काली मिट्टी को गूंधने में लगे मजदूरों ने कहा यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें आम के आम और गुठलियों के दाम मिल रहे हैं। यहां पर काम करने के पैसे तो मिल ही रहे हैं और रुद्रों के निर्माण के लिए काली मिट्टी को गूंधने में जो पुण्य मिलेगा उससे वह लोग भी तर जायेंगे। कहा कि यह पावन धरती ऐसे ही आयोजनों की साक्षी रही है। काफी साल पहले यहां पर गायत्री परिवार के द्वारा आयोजित किये गये अश्वमेघ यज्ञ में भी ऐसा ही पुण्य प्राप्त हुआ था।
बुधवार, 8 जुलाई 2009
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