Jul 07, 11:23 pm
चित्रकूट। मंदाकिनी को बचाने में लगे यहां के संतो-महंतों व समाजसेवियों की पहल काम आ गयी। अभियान के अगुआ रहे कमलेश दीक्षित को ही फिल्म स्टार आशुतोष राणा ने महारुद्रों के मूर्ति विसर्जन की जिम्मेदारी सौंप दी। राणा ने कहा कि इसमें विवाद की कोई बात नही है। मंदाकिनी में प्रतीकात्मक विसर्जन के बाद मूर्तियों को राजापुर से होकर निकली यमुना में विसर्जित किया जायेगा।
वैसे इसके पूर्व कमलेश ने प्रशासन सहित आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' व फिल्म स्टार आशुतोष राणा को पत्र भेजकर पावन मंदाकिनी के महत्व को बताते हुये कहा था कि यह तीर्थ क्षेत्र में बहने वाली नदी पहले ही भयानक प्रदूषण के कारण कराह रही है। इसका सांस्कृतिक और पौराणिक के साथ ही धार्मिक महत्व है। इसकी सहायक नदियों सरयू, झूरी व पयस्वनी का तो लगभग अस्तित्व समाप्त हो चुका है। उनके भाव भरे पत्र को पढ़कर आशुतोष राणा ने उन्हें बुलाया और मंदाकिनी में मूर्तियां विसर्जित न की बात करते हुये कहा कि मूर्तियों को विसर्जित करने का काम मंदाकिनी बचाओ प्रदूषण मुक्ति आंदोलन के लोग करें प्रतीकात्मक विसर्जन के बाद वे उन्हें यमुना में विसर्जित कर दें। इस दौरान विधायक कटनी संजय पाठक, सतना के संजय अग्रवाल के साथ मंदाकिनी बचाओ समिति के तमाम लोग मौजूद रहे।
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