Jul 11, 10:21 pm
चित्रकूट। भले ही यहां पर संकल्पपूर्ति महामहोत्सव मनाया जा रहा हो पर देश के विभिन्न प्रदेशों से आये लोग अपनी-अपनी संस्कृति की झांकी दिखा रहे हैं। जब मंच के माध्यम से लोक संस्कृति के धनी बुंदेलखंड की विशेष प्रस्तुतियां हुईं तो लोग झूमकर नाचने लगे। इनकी सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्हें भक्ति के कलेवर में ढाल दिया गया था।
राई, फाग और लमटेरा, ढिमरयाई, लावनी और तमाम तरह की लगभग पांच सौ से भी ज्यादा लोक विधाओं के साथ पूरे विश्व में अब विख्यात हो चुकी बुंदेली भाषा के साथ शाहपुर से आये सपेरा मंडल के साथ ही अन्य और जगहों से आये विभिन्न मंडलों की जोरदार प्रस्तुतियां देखने के फिल्म स्टार आशुतोष राणा खुद हतप्रद थे। यही हाल फिल्म अभिनेता राज पाल राणा और ठाकुर पद्म सिंह के रहे। वैसे तो फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा व ठाकुर पद्म सिंह सीधे तौर पर बुंदेलखंड से ही ताल्लुक रखते हैं पर फिल्मों में आने से पहले आशुतोष अपने जन्म स्थान गाडरवाड़ा व सागर में राम लीलाओं के माध्यम से लोगों के सामने अपनी प्रस्तुतियां देते थे।
मंगलवार, 14 जुलाई 2009
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