Jul 09, 01:42 am
चित्रकूट। ''ऊं नम: शिवाय, ऊं नम: शिवाय'', भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए यह जाप सैकड़ों मुख मंडल से निकल कर धर्मनगरी में गुंजायमान हो रहा था। चाहे बच्चे हों या बूढ़े, महिलाएं हों या पुरुष, आम आदमी हो या फिर हस्ती सभी श्रावण मास में शुरू हुई भक्ति रस की बारिश में भीगना चाह रहे थे।
यह दृश्य किसी मंदिर का नहीं बल्कि यहां पर बुधवार को शुरू हुए संकल्प पूर्ति महोत्सव का था। महामहोत्सव में सैकड़ों श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग बनाने में जुटे थे। रैन बसेरा परिसर के विशाल पंडाल में जगह-जगह रखी गयी मिंट्टी से भरी परातें भक्तों को शिवलिंग निर्माण के लिए आमंत्रित कर रहे थे। कुछ भक्त मिट्टी की लोई, चावल, पुष्प, बेलपत्र भी वितरित करते जा रहे थे।
बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी तन्मयता से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करने में जुटे थे। इस अनुष्ठान में रुपहले पर्दे से धर्मनगरी की जमीन पर उतरे फिल्मी सितारे आशुतोष राणा, राजपाल यादव, ठाकुर पद्म सिंह, दीप राज राणा, अनुपम कौशिक, संजीव वत्स, अरुंधती, मनीषा ओझा, पूर्वी भट्टं, फिल्म निर्माता केवल कृष्ण, चंद्र पाल यादव ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
16 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में भक्तों ने भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए लगभग सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग बनाने का संकल्प लिया है। महामहोत्सव के पहले ही दिन आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' के शिष्यों ने पहले ही दिन लगभग एक करोड़ शिवलिंगों का निर्माण कर डाला।
पार्थिव पूजन के लिए तैयारियां तो मंगलवार की देर शाम से ही शुरू हो गयीं थीं। रैपुरा के पास से लायी गयी काली मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बना दिये गये थे। बुधवार को पौ फटते ही देश भर से आये दद्दा जी के शिष्य शिवलिंगों के निर्माण में जुट गये।
देखते ही देखते भक्तों के सैलाब ने दोपहर दो बजे के बाद तक महारुद्रों का निर्माण कर शिवधाम में पहुंचा दिये। इसके बाद सभी पार्थिव शिवलिंगों का पूजन पूरे विधि विधान के साथ वेद पाठी ब्राह्मणों ने संपन्न कराया। दद्दा जी ने खुद ही विशाल पंडाल पर पहुंच कर न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया बल्कि रुद्रों का निर्माण कर रहे हर भक्त के पास पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने भक्तों को रुद्र बनाते समय भगवत स्मरण करने का निर्देश देने के साथ ही उनकी कुशल क्षेम भी पूछी। इस दौरान मुंबई से आये फिल्म संगीतकार सुजीत चौबे भक्ति रस की गंगा बहाते रहे। भक्तों का ओम नम: शिवाय का जाप भी निरंतर चल रहा था।
दोपहर बाद सभी रुद्रों को लालापुर की वाल्मीकि नदी ले जाया गया जहां पर फिल्म स्टार आशुतोष राणा, राजपाल यादव समेत अन्य फिल्मी हस्तियों व देश भर के आये दद्दा शिष्य मंडल के लोगों ने उनका विसर्जन किया। उधर मंदाकिनी के राम घाट पर मंदाकिनी बचाओ संघर्ष समिति के कमलेश दीक्षित के नेतृत्व में भी प्रतीकात्मक विसर्जन किया गया।
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