Jul 10, 11:00 pm
चित्रकूट। ग्लैमरस वर्ड के कुछ सितारे यहां पर ऐसे भी है जो कैमरे के सामने चमकते तो हैं पर इस धरती पर आकर जब वे सेवा का भाव लिए भक्तों को पानी पिलाते और रुद्रों का निर्माण करते दिखते हैं तो लगता है कि वे 'आम' ही हैं।
दूरदर्शन के माध्यम से 'अपराधी कौन' 'स्त्री' के साथ ही स्टार प्लस में आने वाले 'जय मां दुर्गे' ,'शनिदेव' जैसे बडे़ बजट के सीरियलों में महत्वपूर्ण रोल कर चुकी अरुन्धति आर्या इन दिनों दस दिनों का अवकाश लेकर राम की नगरी में शिव की भक्ति में तल्लीनता से लगी हैं। नागपुर की मूल निवासिनी आर्या बताती हैं कि उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने के ख्वाब भी नही देखा था पर फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता ने उनके जीवन की दिशा को ही बदल दिया। भले ही अंतिम बीस के बाद बाहर कर दी गई पर अभिनेत्री बनने की दृढ़ इच्छा शक्ति ने आज उन्हें मायानगरी में मुकाम दे दिया है।
गुजराती रंगमंच के साथ अब हिंदी फिल्मों में भी अपनी जोर आजमाइश करने वाली पूर्वी भट्ट ने ड्रामा और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक की उपाधि लेने के बाद बड़ौदा से जब मायानगरी का रुख किया तो अपनी मातृ भाषा के नाटकों को ही आधार बनाया। वैसे इसके पहले एक समाचार चैनल का भी अनुभव उनके पास था। मुम्बई में 'गूंगा बोले बहरा सांमरे' व 'नेता में याद आव्या' से पहचान ही नही बल्कि गुजराती थियेटर में जानी मानी हस्ती बन गई। इसके बाद उन्हें स्टार प्लस पर सीरियल हमारी देव रानी में छह भाभियों की ननद का रोल मिला। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने दद्दा जी की पहली बार फोटो देखी और अपने मित्रों के जरिये उनके विचार सुने तो उन्हें बिना देखे ही गुरु मान लिया। चित्रकूट के बारे में सुना और पढ़ा काफी है अब यहां पर आकर काफी आनंद का अनुभव हो रहा है।
हजारों औरतें मगर चुगली नहीं
संकल्प पूर्ति महामहोत्सव में अपनी मां शान्ती ओझा के साथ आई फिल्म डायरेक्टर मनीषा ओझा ने कहा कि यहां की सबसे कड़ी बात आचार्य जी ने एक बड़ा मिथक तोड़ दिया। कहते हैं जहां चार औरतें बैठती हैं वहां चुगली होती है और यहां तो हजारों की संख्या में बैठी औरतें ऊं नम:शिवाय का जाप कर रही हैं।
शाहरुख खान,ऋतिक रोशन, सैफ अली खान जैसे सितारों से अपनी कल्पना के अनुसार अभिनय कराने वाली मूल रुप से बिहार की रहने वाली मनीषा ओझा ने जब फिल्म डायरेक्शन का ख्वाब देखा तो घर वालों ने कड़ा ऐतराज किया पर कलकत्ता विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री लेकर एड फिल्में बनाने के लिए मुम्बई पहुंची तो पहला ही एड वाकर सिरीज का मिला और सामने थे ऋत्विक रोशन। फिर क्या था काम्पैक्ट लैपटाप में शाहरुख खान और ताजमहल में सैफ अली खान के साथ ही क्रिकेट जगत के एम एस धोनी, सचिन तेंदुलकर, लियंडर पेस जैसे सितारों से अभिनय कराने वाली असिस्टेंट मुख्य निर्देशक मनीषा ओझा का सपना अब मुम्बई में खुद का प्रोडेक्शन हाउस खोलने का है। इसके साथ ही सोनी टीवी पर चल रहे धारावाहिक छोटी बहू में वो सहायक निर्देशक हैं। बताया कि अगस्त से बलराज फिल्म्स की गोल्डेन टेम्पल की भी शूटिंग शुरू होगी।
मंगलवार, 14 जुलाई 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें